अब मुंबई लोकल ओर दिल्ली मेट्रो में मास्क का क्या हुआ निर्णय

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कोरोना को लेकर सरकार की ओर से लगाए गए सभी प्रतिबंध को हटा गया है कोरोना को लेकर मुंबई और दिल्ली की सरकारों ने गुरुवार को बड़े फैसले किए हैं. महाराष्ट्र में इस साल गुड़ी पड़वा, रमजान धूम-धाम और उत्साह के साथ मनाया जा सकेगा. मुंबई सरकार की ओर से फैसला लिया गया है कि लोकल ट्रेन में मास्क पहनना अब अनिवार्य नहीं होगा. साथ ही गुड़ी पड़वा, रमजान धूमधाम से मनाया जा सकेगा. वहीं, दिल्ली में भी कोरोना को लेकर बड़ा फैसला किया है. फैसले के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो में भी जुर्माना खत्म कर दिया गया है ,इस संबंध में महाराष्ट्र कैबिनेट में फैसला लिया गया जिसके बाद हाउसिंग मिनिस्टर जितेंद्र आव्हाड ने ट्वीट कर सरकार के इस बड़े फैसले की जानकारी दी.

गुरुवार को दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (DDMA) की बैठक में यह फैसला लिया गया है. DDMA ने मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना के फैसले को वापस ले लिया है. फिलहाल दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा था.

DDMA के सूत्रों के मुताबिक, जुर्माना वापस लेने का मतलब यह नहीं है कि लोग मास्क का इस्तेमाल बंद कर दें, कोरोना के उचित व्यवहार का पालन किया जाना चाहिए. बता दें कि इससे पहले फरवरी के अंतिम सप्ताह में निजी वाहनों में मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना नही लेने का फैसला किया गया था. इससे पहले फरवरी के अंतिम सप्ताह में निजी वाहनों में मास्क नहीं पहनने पर जुर्माना वापस लिया गया था.

महाराष्ट्र सरकार ने भी कोरोना के सभी प्रतिबंधों को हटाया

महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को कोरोना के सभी नियमों को हटा लिया है. इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया है कि इस साल गुड़ी पड़वा की रैली जोर शोर से निकाली जा सकती है. साथ ही रमजान भी उत्साह के साथ मनाया जा सकेगा. साथ ही कहा गया है कि बाबा साहेब की रैली भी जोर-शोर से निकाली जाएगी. महाराष्ट्र के हाउसिंग मिनिस्टर जितेंद्र आव्हाड ने ट्वीट कर सरकार के इस बड़े फैसले की जानकारी दी.

कोरोना को लेकर राज्य में भीड़-भाड़ वाले इलाकों के साथ-साथ त्योहारों के मद्देनजर प्रतिबंध लगाए गए थे जिसे महाराष्ट्र सरकार ने हटा लिया है. हालांकि मास्क पहनना अभी भी अनिवार्य है. महाराष्ट्र में गुड़ी कोरोना को लेकर राज्य में भीड़-भाड़ वाले इलाकों के साथ-साथ त्योहारों के मद्देनजर प्रतिबंध लगाए गए थे जिसे महाराष्ट्र सरकार ने हटा लिया है. हालांकि मास्क पहनना अभी भी अनिवार्य है. महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान रैली निकाली जाती है. वहीं बाबा साहेब की रैली भी धूमधाम के साथ निकाली जाती है लेकिन कोरोना को लेकर पिछले दो साल से रैलियों पर प्रतिबंध था. अब प्रतिबंधों को हटाने के बाद ये त्योहार धूमधाम से मनाए जा सकेंगे.

गुड़ी पड़वा त्योहार को विशेष रुप से गोवा और मराठी लोग मनाते हैं. इसे नए साल की शुरुआत के तौर पर मनाया जाता है. चैत्र माह से हिन्दुओं का नववर्ष आरंभ माना गया है. पौराणिक कथाओं में कहा ,जाता है कि इस दिन भगवान ब्रह्मा ने ब्रह्मांड बनाया था. लोग इस दिन नए कपड़े पहनते हैं और पूरा परिवार व रिश्‍तेदार मिलकर आनंद लेते हैं. गुड़ी पड़वा का दिन वास्तु पूजा के लिए शुभ माना जाता है और नए कारोबार खोलने के लिए भी इस दिन को महत्वता दी है.

इस दिन महाराष्ट्र में कई सामुदायिक जुलूस निकाले जाते हैं. इस त्योहार से कई कहानियां जुड़ी हैं. लोग मानते हैं कि इस दिन रावण को पराजित करने के बाद भगवान राम अयोध्या लौटे थे. लोग इस दिन सूर्योपासना के साथ आरोग्य, समृद्धि और पवित्र आचरण की कामना करते हैं. इस दिन घर-घर में विजय के प्रतीक स्वरूप गुड़ी सजाई जाती है. उसे नवीन वस्‍त्र पहनाकर चीनी से बनी आकृतियों की माला पहनाई जाती है. इस दिन लोग लोग कई पकवान बनाते हैं. इस दिन लोग घरों को साफ करते हैं और उसे खूब सजाते हैं.

अगले कुछ दिनों में रमजान का महीना शुरू हो जाएगा. कोरोना के नियमों को हटाने के बाद अब बाजारों में रौनक देखने को मिलेगी. कोरोना को लेकर पिछले दो साल से रमजान के मौके पर न तो बाजारों में भीड़ होती थी और न ही लोग एक साथ मस्जिदों में जाकर नमाज पढ़ पाते थे लेकिन कोरोना नियमों को हटाए जाने के बाद बाजारों में भीड़ दिख सकती है. साथ ही लोग एक साथ मस्जिदों में जाकर नमाज भी पढ़ सकते हैं.

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