इन 3 दावों में पेट्रोल-डीजल और कितना बढ़ेंगा

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क्रिसिल रिसर्च की एक रिपोर्ट ने दावा किया था कि अगर औसत 100 डॉलरकच्चा तेल तो 9-12 रुपये प्रति लीटर दाम बढ़ सकते हैं. लेकिन क्रूड ऑयल की कीमत अगर औसत 110-120 डॉलर रही तो 15 से 20 रुपये प्रति लीटर तक दाम बढ़ाने पड़ेंगे.

फिलहाल किसी को पता नहीं है. दरअसल जब आप पंप पर पेट्रोल-डीजल भरवाने जाते हैं और पंप कर्मचारी कहता है सर जीरो देख लीजिए, तभी से दिल की धड़कन बढ़ना धीरे-धीरे शुरू होने लगती है. मीटर पेट्रोल टंकी का चलता है. महंगाई का धुआं जनता की जेब से निकलता है.

कहां एक वक्त था, जब जनता को सपने दिखाए गए थे कि तेल की महंगाई अब अचानक झटका नहीं देगी. रोज घटेंगे बढ़ेंगे दाम. लेकिन किश्तों में प्रतिदिन बढ़ते दामों ने लोगों का बजट बिगाड़ कर रख दिया है.

22 मार्च को 80 पैसे

23 मार्च को 80 पैसे

25 मार्च को 80 पैसे

26 मार्च को 80 पैसे

27 मार्च को 50 पैसे

28 मार्च को 30 पैसे

29 मार्च को 80 पैसे

30 मार्च को 80 पैसे

यानी 9 दिन में 8 बार दाम बढ़ें तो पेट्रोल ही 5 रुपये 60 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है. चुनाव के बाद रोज बढ़ रहे हैं, अब 101 रुपये हो गया.

कच्चे तेल में उबाल जारी

देश में चुनाव के दौरान चार महीने से ज्यादा वक्त तक एक पैसा भी पेट्रोल डीजल की कीमत में नहीं बढ़ा था. लेकिन नतीजे आते ही महंगाई की धार बेलगाम हो गई. नवंबर-2021 में जब कच्चे तेल की कीमत 82 डॉलर प्रति बैरल थी. तब आखिरी बार सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड़्यूटी (Excise Duty) में कटौती की थी. उसके बाद रूस-यूक्रेन का युद्ध 24 फरवरी को शुरू होता है. कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में तब 98 डॉलर प्रति बैरल तक रही. इसके बाद युद्ध के दौरान ही 8 मार्च को 130 डॉलर प्रति बैरल तक कीमत कच्चे तेल की गई. जो अभी 110 डॉलर के करीब आ चुकी है.

 

 

 

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