सरकारी कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफा!

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() के इस फैसले से 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों () और 68.62 लाख पेंशनर्स () को फायदा होगा. आपको बता दें कि कोरोना महामारी के बावजूद केंद्र सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 28 फीसदी से बढ़ाकर 31 फीसदी कर दिया था.हर साल जनवरी और जुलाई में डीए में बदलाव किया जाता है. इसकी शुरुआत दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान हुई थी. उस वक्त इसे खाद्य महंगाई भत्ता या डियरनेस फूड अलाउंस कहते थे. भारत में मुंबई में साल 1972 में सबसे पहले महंगाई भत्ते की शुरुआत हुई थी. इसके बाद केंद्र सरकार सभी सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाने लगा.

सरकारी कर्मचारियों के लिए हुआ बड़ा ऐलान

सरकार ने महंगाई भत्ता 3 फीसदी बढ़ा दिया है. ये 31 फीसदी से बढ़कर 34 फीसदी हो गया है. केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 31 फीसदी महंगाई भत्ता दिया जा रहा है.1 जनवरी 2022 से महंगाई भत्ता बढ़ाने को मंजूरी मिली है.

डीए में बढ़ोतरी पर सरकार की घोषणा सातवें वेतन आयोग की सिफारिश पर आधारित होगी. 2006 में केंद्र सरकार ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की गणना के लिए फॉर्मूला बदल दिया. केंद्र सरकार की तरह राज्य सरकार भी भी अपने कर्मचारी और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने पर फैसला लेती है.

साल में दो बार होता है डीए पर फैसला

आपको बता दें कि डीए, सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को दिया जाने वाला कॉस्ट ऑफ लिविंग अलाउंस जनवरी और जुलाई में साल में दो बार बढ़ाया जाता है.

डियरनेस अलाउंस कर्मचारियों के रहने-खाने के स्तर को बेहतर बनाने के लिए दिया जाता है. महंगाई भत्ता इसलिए दिया जाता है कि महंगाई बढ़ने के बाद भी कर्मचारियों को अपना जीवन-यापन करने में कोई परेशानी न हो

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